CBSE Std 8 Hindi Grammar ‘समास (smas)’ -questions-answers-अभ्यास

Hindi (CBSE)

समास अभ्यास(Samas question-answer)

( समास के बारे में विस्तृत जानने के लिए : click here – “समास” explanation )

1 ) समास किसे कहते हैं ?
जब दो या दो से अधिक शब्दों के मेल से एक नवीन संक्षिप्त शब्द बनाया जाता है तो उस प्रक्रिया को ‘समास’ कहते हैं।

2) संधि व समास के अंतर को उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।

संधि  समास 
इस में वर्णो का मेल होता हे। इस में शब्दों का मेल होता है।
संधि को तोड़ना संधि-विच्छेद कहलाता है। समास को तोड़ना समास-विग्रह कहलाता है।
उदाहरण- पुस्तक + आलय = पुस्तकालय उदाहरण- राजा की माता -राजमाता

 

3) समास के प्रत्येक भेद-उपभेद का उदाहरणसहित नाम लिखिए।
समास के 4 भेद हैं –

1) अव्ययीभाव समास – उदाहरण – प्रतिदिन

2) तत्पुरुष समास – उदाहरण – राजमाता

3) दवंद्व समास -उदाहरण – माता-पिता

4) बहुव्रीहि समास – उदाहरण – लंबोदर

तत्पुरुष समास के दो उपभेद हैं –

a) कर्मधारय समास – उदाहरण – मृगनयन
b) द्विगु समास – उदाहरण – नवरात्रि

4) दवंद्व समास और द्विगु समास में क्या अंतर हैं ?

दवंद्व समास  द्विगु समास 
उस में दोनों पद समान रूप से प्रधान होते है। इस में पहला पद संख्यावाची विशेषण और दूसरा पद विशेष्य होता है।
उस में दोनों पदों के बीच संयोजक चिह्न (-) होता है। उस में कोई चिह्न नहीं होता है।
यह समूहवाची समास नहीं हैं। यह समूहवाची समास हैं।
उदाहरण –  माता-पिता –  माता और पिता उदाहरण – तिरंगा -तीन रंगो का समूह

 

5) बहुव्रीहि समास और कर्मधारय समास में क्या अंतर हैं ?

बहुव्रीहि समास  कर्मधारय समास 
इस समास में दोनों पदों में से कोई भी पद प्रधान नहीं होता। इस समास में पहला पद विशेषण और दूसरा पद विशेष्य होता हैं।
उदाहरण – लंबोदर उदाहरण – महाराजा

 

6) समास के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालिए।

  • बोलना /पढ़ना /लिखना अधिक सुविधाजनक हो जाता हैं।
  • हमारी बात में ,हमारे व्यक्त विचारो में प्रभावात्मकता आती हैं।
  • समास अधिक शब्दों को जोड़कर बनाया जाता है ,जिससे वाक्यों को सुनने और पढ़ने में समय का बचाव होता है।
    उदहारण – ‘रेखा से अंकित वाक्य पढ़िए।’ के स्थान पर ‘रेखांकित वाक्य पढ़िए।’

7) निम्नलिखित को उदहारण से परिभाषित कीजिए –

क) समस्त पद समास युक्त पद को समस्त पद कहते हैं।

ख) पूर्वपद – समास के विग्रह में प्रथम पद को पूर्वपद कहते हैं।

ग) उतरपद – समास के विग्रह में दूसरे पद को उतरपद कहते हैं।

उदाहरण – राजा + (की)माता = राजमाता
इसमें राजा पूर्वपद ,माता उतरपद और राजमाता समस्तपद हैं।

8) निम्नलिखित उपसर्गो से एक-एक शब्द बनाइए।
क) अति – अतिरिक्त
ख) अ – अज्ञान
ग) सु – सुपुत्र
घ) कु – कुपात्र

9) निम्नलिखित शब्दोमे से प्रत्यय छाँटकर लिखिए –
क) लड़ाई – आई
ख) चौकीदार – दार
ग) लक्क्ड़हारा – हारा
घ) धोबिन – इन 

10) रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए।
क) तत्पुरुष समास में दूसरा पद प्रधान होता हैं।
ख) द्विगु समास में पहला पद संख्यावाची होते हैं।
ग) दवंद्व समास का विग्रह करने पर और ,तथा आदि लग जाता हैं।
घ) कर्मधारय समास में  पूर्व पद विशेषण और उतर पद विशेष्य होता हैं।
ङ ) कर्मधारय समास में एक पद उपमान और दूसरा पद उपमेय भी हो सकता है।

11) हाँ व नहीं में उतर दीजिए।
क) समासयुक्त पद को समस्त पद कहते हैं।      हाँ
ख) अव्ययी समास विकारी होता है अर्थात लिंग,वचन ,कारक की दृष्टी से इसमें कोई विकार नहीं आता।     ना
ग) तत्पुरुष समास में दोनों पदों के बीच आने वाली विभक्तियों का लोप नहीं होता है।     ना
घ) द्विगु समास में पहला पद संख्यावाची विशेषण होता है।     हाँ
ङ) कर्मधारय समास में पूर्वपद विशेषण /उपमान और उतरपद विशेष्य /उपमेय होता है। उपमेय -उपमान का क्रम उल्ट कर उपमान-  उपमेय भी हो सकता है।     हाँ
च) दवंद्व समास में दोनों पदों के मध्य संयोजक चिह्न लगा होता है।     हाँ
छ) बहुव्रीहि समास में वह तीसरा पद प्रधान होता हे जिस कि और दोनों पद इशारा कर रहे हो।     हाँ

12) सही उत्तर को रेखांकित कीजिए –
क) पृथ्वी -आकाश – तत्पुरुष , दवंद्व , द्विगु
ख) नवग्रह              – तत्पुरुष , दवंद्व , द्विगु
ग) पंजाब               –  बहुव्रीहि , दवंद्व , द्विगु
घ) महाविद्यालय  – कर्मधारय , दवंद्व , द्विगु
ङ) राजमाता           – तत्पुरुष , दवंद्व , द्विगु
च) देशवासी           – तत्पुरुष , दवंद्व , द्विगु
छ) माता-पिता      – तत्पुरुष , दवंद्व , द्विगु
ज) दशानन            – बहुव्रीहि , दवंद्व , द्विगु

13 ) गोटियों में अंकित अंको के लिए द्विगु समास का एक-एक उदाहरण लिखिए।
दोपहर = दो + पहर
तिरंगा = तीन + रंग
चौराहा = चार + राह
पंचतंत्र = पँच + तंत्र
षट्भुज = छः + भुजाओ
अठ्ठनी = आठ + आना

14 )

समस्तपद   विग्रह  समास भेद 
क ) राधा -कृष्ण राधा और कृष्ण दवंद्व समास
ख ) चारपाई चार पैरो का समूह द्विगु समास
ग ) नीलांबर नीला हे जो अंबर कर्मधारय समास
घ ) सेनानायक सेना के नायक तत्पुरुष समास
ड़ ) निडर डर नहीं हे जिसमे अव्ययीभाव  समास
च ) मृगनयन मृग के समान नयन कर्मधारय समास
छ ) नवरात्रि नौ रात्रि का समूह द्विगु समास
ज ) राजपुत्र राजा के पुत्र तत्पुरुष समास
झ ) चाय – कॉफ़ी चाय तथा कॉफ़ी दवंद्व समास

 

15 )

समास विग्रह  समस्तपद  समास भेद
क ) बारह हे सींग जिसके बारहसिंगा बहुव्रीहि समास
ख ) पंच तंत्रो का समूह पंचतंत्र द्विगु समास
ग ) नीला हे जो कमल नीलकमल कर्मधारय समास
घ ) कोष का अध्यक्ष कोषाध्यक्ष तत्पुरुष समास
ङ ) प्रधान हे जो अध्यापक प्रध्यापक कर्मधारय समास
च) शुभ है जो आगमन शुभागमन कर्मधारय समास
छ) चार पैरो का समूह चारपाई द्विगु समास
ज) दया नहीं है जिसमे निर्दय अव्ययीभाव  समास
झ ) नीला है जो कंठ नीलकंठ कर्मधारय समास

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