CBSE class-8 “अशुद्धि शोधन (ashuddhi shodhan)” questions-answers

अशुद्धि शोधन

१) निम्नलिखित वाक्यों को शुद्ध करके पुनः लिखिए।

क) पदक्रम संबंधी अशुद्धियाँ

i ) इतनी ठंडी में आइसक्रीम खाओ न, गला खराब हो जाएगा।
इतनी ठंडी में आइसक्रीम न खाओ, गला खराब हो जाएगा।

ii ) वहाँ मुफ्त आँखों का ऑपरेशन हो रहा है।
वहाँ आँखों का मुफ्त ऑपरेशन हो रहा है।

iii ) एक गिलास पानी से भरा लाओ।
पानी से भरा एक गिलास लाओ।

iv ) उसने नेताजी के गले में एक फूलों की माला डाल दी।
उसने नेताजी के गले में फूलों की एक माला डाल दी।

v ) तीन-दो मिनट ठहरो।
दो-तीन मिनट ठहरो।

ख ) लिंग संबंधी अशुद्धियाँ

i ) महादेवी वर्मा एक प्रसिद्ध कवि हैं।
महादेवी वर्मा एक प्रसिद्ध कवियत्री हैं।

ii ) हे पुत्री ! यशस्वी बनो।
हे पुत्र ! यशस्वी बनो।

iii ) सीमा की वृद्ध दादी बहुत बीमार रहती हैं।
सीमा के वृद्धा दादी बहुत बीमार रहते हैं।

iv ) सोना महँगी है और चाँदी सस्ता है।
सोना महँगा है और चाँदी सस्ती है।

v ) श्रीमती इंदिरा गांधी प्रभावी व्यक्तित्व की स्वामी थी।
श्रीमती इंदिरा गांधी प्रभावी व्यक्तित्व की स्वामिनी थी।

ग) वचन संबंधी अशुद्धियाँ

i ) पेड़ से पता गिरते हैं।
पेड़ से पत्ते गिरते हैं।

ii ) गायें घास खाती है।
गाय घास खाती है।

iii ) अध्यापक कक्षा में आ गया।
अध्यापक कक्षा में आ गए ।

iv ) बंदरों ने केला खाए।
बंदरों ने केले खाए।

v ) इन आमों की मिठासों का कोई ज़वाब नहीं है।
इन आमों की मिठास का कोई जवाब नहीं है।

घ ) कारक संबंधी अशुद्धियाँ

i ) वह हँसी से बात टाल गया।
वह हँसकर बात टाल गया।

ii ) वह देर में खाना खाता है।
वह देर से खाना खाता है।

iii ) माली ने पौधों के लिए पानी दिया।
माली ने पौधों को पानी दिया।

iv ) कोयल के गीत गाया।
कोयल ने गीत गाया।

v ) मुझसे टी. वी. देखना है।
मुझे टी.वी. देखना है।

ङ ) सर्वनाम संबंधी अशुद्धियाँ

i ) ये केला अच्छा नहीं है।
यह केला अच्छा नहीं है।

ii ) यह पुस्तके मेरी नहीं हैं।
ये पुस्तके मेरी नहीं हैं।

iii ) मैं उससे नहीं जानता।
मैं उसको नहीं जानता।

iv ) हमने कल कलकता जाना है।
हमें कल कलकता जाना है।

v ) तुमके घर में एक गाय है।
तुम्हारे घर में एक गाय है।

२) विराम चिह्न किसे कहते है ?
भाषा के लिखित रूप में लेखक रुकने अथवा विराम देने के लिए जिन सांकेतिक चिह्नों का प्रयोग करता है ,उन्हें विराम चिह्न कहते हैं।

३) भाषा में विराम चिह्नों का प्रयोग क्यों किया जाता है ?
विराम चिह्नों के प्रयोग से पाठक तक लेखक की बात सरल व स्पष्ट रूप में पहुँच पाती है।

४) ‘स्वभाव का नतीजा ‘ नामक दी गई कहानी पढ़िए और रिक्त स्थानों में विराम चिह्नों का उचित प्रयोग कीजिए –
एक मच्छीमार जाल लेकर नदी पर गया । उसने नदी में जाल फैलाया और किनारे पर बैठ गया । संध्या के समय जब उसने जाल निकाला तो जाल में मछलियों के साथ केंकड़े भी थे । उसके पास दो टोकरियाँ थीं , जिसमें से एक टोकरी में उसने मछलियाँ भरकर ढक्क्न लगा दिया और दूसरी टोकरी में केंकड़े भरकर उसे खुला छोड़ दिया । नदी के पास अपने दादाजी के साथ टहलने आए राहुल को यह देखकर आश्चर्य हुआ। वः टोकरी के पास रुक गया और मछुआरे को संबोधित करके उसने कहा , “ओ मछुआरे ! तुम अपनी दिनभर की महेनत व्यर्थ करना चाहते हो क्या ? देखो ,केंकड़े बाहर आने की कोशिश कर रहे है। एक-एक करके वे सारे टोकरी से बाहर निकल जाऍंगे और नदी में वापस चले जाएँगे। तब तुम क्या करोगे ? मछुआरा बोला ,”आप चिंता न करें। मैं इन केकड़ो का स्वभाव जनता हूँ। ये इस टोकरी से बाहर नहीं निकल सकते क्योंकि जो केकड़े ऊपर चढ़ने की कोशिश करेंगे । नीचे वाले केकड़े उनकी टाँगे खींचकर उन्हें ऊपर जाने से रोक लेंगे। इस प्रकार एक भी केकड़ा बाहर नहीं निकल पाएगा। ।
५) इस पत्र में विराम चिह्न का सही प्रयोग करते हुए पत्र पुनः लिखें।

२१, मॉडल टाउन
दिल्ली
दिनांक : २० सितंबर २०१४

प्रिय पुत्र राघव
सस्नेह शुभाशीष
तुम्हारा पत्र मिला। तुम इस बार भी घर नहीं आ रहे बहुत ख़ुशी की बात है। इस बार भी तुम अच्छे अंकों से उतीर्ण हुए यह जानकर दुख हुआ। इस बार तुम घर नहीं आओगे? तुम्हारे मित्र की शादी है तुम्हारी बहन से। हमने कह दिया है कि तुम बहुत खुश हो। यह जानकर कि उसकी शादी तय हो गई है चाचा के भतीजे के दोस्त के भाई से। तुम फोन पर बात क्र लेना अपने मामाजी से। बता देना कि बिल्ली के बच्चे। भेड़िया खा गया है तुम्हारी माताजी को। सिर दर्द है मेरे पाँव में। चोट लग गई है तुम्हारे पत्र को। हमेशा तरसते रहते हैं।

२१, मॉडल टाउन
दिल्ली
दिनांक : २० सितंबर, २०१४

प्रिय पुत्र राघव,
सस्नेह शुभाशीष

तुम्हारा पत्र मिला। तुम इस बार भी घर नहीं आ रहे। बहुत ख़ुशी की बात है ,इस बार भी तुम अच्छे अंकों से उतीर्ण हुए। यह जानकर दु:ख हुआ , इस बार तुम घर नहीं आओगे। तुम्हारे मित्र की शादी है। तुम्हारी बहन से हमने कह दिया है कि तुम बहुत खुश हो , यह जानकर कि उसकी शादी तय हो गई है। चाचा के भतीजे के दोस्त के भाई से तुम फोन पर बात कर लेना। अपने मामाजी से बता देना कि बिल्ली के बच्चे भेड़िया खा गया है। तुम्हारी माताजी को सिर दर्द है। मेरे पाँव में चोट लग गई है। तुम्हारे पत्र को हमेशा तरसते रहते हैं।

तुम्हारे पिताजी,
रमाकांत शर्मा

६) निम्नलिखित वाक्यों में उचित विराम चिह्नों का प्रयोग करे।

क) कार्य उद्यम से सिद्ध होते हैं मनोरथों से नहीं
कार्य उद्यम से सिद्ध होते हैं , मनोरथों से नहीं।

ख) मोहनदास करमचंद को लोग प्यार से बापू कहते हैं
मोहनदास करमचंद को लोग प्यार से ‘बापू’ कहते हैं।

ग) डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम 2002 में भारत के 12 वें राष्ट्रपति बने थे
डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम 2002 में भारत के 12 वें राष्ट्रपति बने थे।

घ) कॉमनवेल्थ खेलों की एक परंपरा है क्वींस बेटन रिले यानि मशाल दौड़
कॉमनवेल्थ खेलों की एक परंपरा है : ‘क्वींस बेटन रिले’ यानि ‘मशाल दौड़’।

ङ) कश्मीर को धरती का स्वर्ग कहा जाता है
कश्मीर को धरती का ‘स्वर्ग’ कहा जाता है।

च) गीता महान ग्रंथ है
‘गीता’ महान ग्रंथ है ।

छ) विज्ञान वरदान या अभिशाप
विज्ञान : वरदान या अभिशाप।

ज) राधा मीरा और सूरदास कृष्णभक्त थे
राधा ,मीरा और सूरदास कृष्णभक्त थे।

झ) बेन जॉनसन ने  कहा है कि बोलने से ही मनुष्य के रूप का साक्षात्कार होता है
बेन जॉनसन ने  कहा है कि,” बोलने से ही मनुष्य के रूप का साक्षात्कार होता है।”

७) अन्वय किसे कहते है ?
वाक्य-संरचना में लिंग , वचन व कारक आदि के तालमेल को अन्वय कहते है।

८) अन्वय संबंधी अशुद्धियों से क्या अभिप्राय है ?
अन्वय संबंधी अशुद्धियों में व्याकरण के सभी नियमों का यानि की रखना होता है।
जैसे : लड़का पढ़ रहा है। लड़की पढ़ रही है।

९) पदक्रम व अन्वय संबंधी अशुद्धियों में मुख्य अंतर क्या है ?
पदक्रम संबंधी अशुद्धियों में पदों का क्रम अद्ल-बदल कर सही क्रम में लाना होता है। पद में कोई बदलाव नहीं लाना है। जैसे : पढ़ लड़का है रहा। उतर : लड़का पढ़ रहा है ।
अन्वय संबंधी अशुद्धियों में पदों का क्रम सही क्रम में ही होता है। लेकिन वाक्य-संरचना में लिंग,वचन,कारक आदि के अन्वय(मेल) का ध्यान रखकर पद में बदलाव लाना होता है। जैसे : लड़का पढ़ रही है । उतर : लड़का पढ़ रहा है ।

१०) लिखित भाषा की शुद्धता व स्पष्टता के महत्व पर प्रकाश डालिए।
अशुद्धि शोधन मनुष्य अपने दैनिक जीवन में भाषा के मौखिक व लिखित दोनों रूपों का प्रयोग मुख्य पृष्ठ करता है । मौखिक विचाराभिव्यक्ति में वक्ता व श्रोता आमने – सामने होते हैं और कुछ समझ न आने पर श्रोता तुरंत प्रश्न पूछ लेता है , पर लिखित विचाराभिव्यक्ति में ऐसा नहीं होता । पाठक के सामने केवल वक्ता के लिखित विचार होते हैं और कोई बात समझ न आने पर वह तुरंत प्रश्न पूछकर अपनी समस्या का हल नहीं निकाल पाता । इसीलिए आवश्यक है कि भाषा का लिखित रूप व्याकरणिक दृष्टि से शुद्ध हो , उसमें अपूर्ण , अशुद्ध वाक्यों का प्रयोग न किया गया हो ; तभी वक्ता व पाठक के मध्य विचारों के आदान – प्रदान में सुविधा हो सकती है ।

११) रचना प्रकाशित करवाने के लिए संपादक महोदय को पत्र लिखिए।

सेवा में,
दैनिक जागरण,
मुंबई।
दिनांक : २३ सितंबर ,२०१६

माननीय महोदय,

विषय– अपनी रचना के प्रकाशन हेतु।

आपके दैनिक पत्रिका में मैं हर दिन लोगों की रचना पढ़ता हूँ , जो बहुत प्रेरणा दायक होता है। मैंने भी कल एक रचना लिखी है जो मैं आपके जागरण में प्रकाशन करवाना चाहता हूँ। मैं भी चाहता हूँ कि मेरी रचनाओं से और लोग भी प्रेरणा ले ताकि मैं और भी रचना लिख सकूं।

आशा करता हूँ कि आप इस नए लेखक की बात को समझेंगे और मेरी रचना को आपके दैनिक जागरण में स्थान अवश्य देंगे।

आपका विश्वासु ,
श्याम

 

Extra :

निम्नलिखित वाक्यों को शुद्ध करके पुनः लिखिए।
क ) सभी श्रेणी के लोग सभा में आए थे।
सभी कक्षा के लोग सभा में आए थे।
ख ) एक ताँबे की बर्तन भी खरीद लेना।
ताँबे की एक बर्तन भी खरीद लेना।
ग ) वह लौट आए हैं ।
वह लौट आया है । or वे लौट आए हैं ।
घ ) आप कभी हमारे घर आओ।
आप कभी हमारे घर आइए । or तुम कभी हमारे घर आओ।

 

 

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