Serial “Ek deewana tha”

  • फूलों की खुशबू अगर यादें महेकाती है ,
    तो काँटों की चुभन कई दफ़ा मौत दे जाती है।
  • हँसी लबों पे ,सुकून रूह को तो दिल को करार देता है ,
    पर इश्क़ जब हद से गुजर जाए तो मार देता है।
  • किसी के प्यार में गुजरे, तो वक्त गुजर ही जाता है ,
    पर वो कल गुजरे भला कैसे, जो जानलेवा था।
  • तेरे हर कदम की मंजिल मैं ,
    तेरे हर सफर का मकसद भी मैं ही हूँ ,
    मुज़से जितना दूर जाओगी ,
    मुझे उतना ही नजदीक पाओगी।
  • नज़दीकियों पे तेरी सिर्फ हक मेरा है ,
    चाहत सरफिरी और नफरत मेरी जानलेवा है।
  • जो मुकमल नहीं हुआ , वो एक किस्सा बाकी है ,
    जब मोत अपने पर आएगी ,वो एक हिस्सा बाकी है।
  • फूल मुरझायेंगे ,रूह कापेंगी और हुस्न जुरस जायेगा ,
    मज़ा तो तब आएगा जब मोत का परवाना तेरा दरवाज़ा खटखटाएगा।
  • भूल जाना पुरानी बात , बुरी बात नहीं ,
    बड़े बैचेन रहते है ,जिन्हे सब याद रहता है।
  • जिंदगी की किताब में कुछ राज छिपाए जा सकते है ,
    पर वो राज क्या छिपेंगे ,जो लिखे ही खून से है।
  • जिंदगी में तेरी फिर से दाखिला करने ,
    अपनी बर्बादियों का तुज़से फिर गिला करने ,
    तेरी ज़िद ख़तम ,जज़्बात खत्म ,जिंदगी खतम ,
    लौटा हूँ ,चाहत का सिलसिला करने खतम।
  • इश्क़ का अंदाज कुछ यु होगा,
    अब मेरा इंतकाम कुछ यु होगा ,
    ना ही भगवान साथ देंगे ,न खुदा होगा ,
    बेअसर हर दुआ ,हर सजदा होगा।
  • हर एक किस्सा, हर एक कहानी खत्म हुई ,
    दिल दिमाग की खींचातानी ख़त्म हुई ,
    एक दीवाना फना हुआ था तेरे इश्क़ में ,
    उसी इश्क़ की एक दीवानी खत्म हुई।
  • तुज़से जुडी महोब्बत का, खतम इसतरह किस्सा होगा ,
    इश्क़ मेरी ज़िंदगी और दर्द तेरी रूह का हिस्सा होगा।
  • एक पल में आखिर जो गुजर जाए वो हवा का जोका है, और कुछ नहीं ,
    महोब्बत कहती है जिसे दुनिया वो एक हसीन धोखा है, कुछ नहीं।
  • तुम्हे मुज़से दूर कर सके ये किसी की हैसियत नहीं ,
    जमाना कहे कि मौत दूरी ले आएगी ,
    पर ये वादा है मेरा मौत ही हमें मिलाएगी।
  • एक सच तेरा है एक सच मेरा ,
    नज़रो पे लगा है जूठ का पहेरा।
    जिंदगी फिसलेगी हाथो से रेत की तरह ,
    मौत को इंतज़ार है बस तेरा बस तेरा।
  • तेरी नियत ही नहीं थी साथ चलने की ,
    वरना रिश्ते निभानेवाले रास्ते नहीं देखा करते।
  • इस कदर आपको रिहाई दे हर जगह
    तू ही ना दिखाई दे ,बन भी जा अब मेरी ,
    फनाह हो के यू न मुझे दर्द और जुदाई दे।
  • सुना है सर्द मौसम में पुरानी यादें आती है ,
    मुझे भी याद कर लो तुम , मुजे तुम याद आती हो।
  • एक मुदत से तुज़े देख रहा हूँ ,
    फिर भी ऐसा लगता है तुज़े ठीक से देखा नहीं ,
    मेरा जुनून ,मेरी जिद ,मेरा दीवानापन ,
    तूने इश्क़ अभी तक ठीक से देखा ही नहीं।
  • लबों पे अल्फ़ाज़ नहीं ,रूह की आवाज़ नहीं ,
    शक्ल की ज़लक तो मिली ,पर अब भी दफन है राज़ कहीं।
  • फिर एकबार तू लोटकर आया है ,
    जिंदगी पे तेरी मौत का साया है।
  • तेरी महोब्बत अगर बनेगी मेरे रास्ते की अड़चन,
    तो मौत है जवाब और जिंदगी बनेगी मेरी उलझन।
  • तू जहाँ जाएगी मेरा साथ पायेगी ,
    नफरत ही सही, पर ये दीवानगी मरते दम तक तेरा साथ निभाएगी।
  • खतम चाहत का ,हर एक फ़साना होगा ,
    ना कोई इश्क़ ,ना कोई दीवाना होगा ,
    इसकदर फिर से सामने आ गए हो मेरे
    पहले जाना था अब जान से जाना होगा।
  • इश्क़ था बेसबब , बेइंतिहा फ़साना था ,
    तुम्ही को चाहना, तुमपे ही फना हो जाना था।
    अब मेरे बाद , मेरी ये बात कहना सबको
    तुम्हे चाहा था किसी ने जो एक दीवाना था।
  • अब ना गिरना ,ना संभलना होगा
    राह नफरत की ही चलना होगा ।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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