CBSE Class 8 “विप्लव-गायन (viplav-gayan)” translation

विप्लव-गायन (Viplav Gayan)

(with meanings)

कवि(poet) कुछ ऐसी तान(tune) सुनाओ ,जिससे उथल-पुथल(उलट पुलट ) मच जाए
एक हिलोर(लहर-wave) इधर से आए ,एक हिलोर उधर से आए
प्राणो के लाले पड़ जाएँ(प्राणो के लाले पड़ना = जीना मुश्किल होना )
त्राहि-त्राहि(रक्षा करो) रव(आवाज़ ) नभ(आकाश ) में छाए
नाश(बर्बादी) और सत्यनाशो का
धुआँधार जग(दुनिया) में छा जाए

बरसे आग(fire),जलद(बादल ) जल(burn) जाएँ
भस्मात(जलकर राख) भूधर(पहाड़) हो जाएँ
पाप-पुण्य(अपराध – सद्गुण ) सदसद(moral) भावो(emotions) की
धूल(dust) उड़ उठे दाएँ – बाएँ(right left)

नभ(आकाश) का वक्षस्थल(हृदय) फट जाए
तारे(stars) टूक -टूक(टुकड़े-टुकड़े) हो जाएँ
कवि(poet) कुछ ऐसी तान(tune) सुनाओ ,
जिससे उथल-पुथल(उलट पुलट ) मच जाए

माता की छाती का अमृत –
मय(अमृतमय =elixir(opposite of poison) ) पय(दूध) काल -कूट(जहर) हो जाए
आँखों का पानी(आँखों का पानी=आँसू ) सूखे(dry)
वे शोणित(लोही) की घूँट हो जाएँ

एक ओर(side) कायरता(cowardly) काँपे
गतानुगति(progress) विगलित(melt) हो जाए
अंधे(blind) मूढ़(मूर्ख) विचारों की वह
अचल(stationary) शिला(पत्थर) विचलित(distracted) हो जाए

और दूसरी और कंपा देने
वाला गर्जन(thunder) उठ धाए
अंतरिक्ष(space) में एक उसी नाशक(destroyer)
तर्जन(डराने) की ध्वनि(आवाज़) मँडराए

कवि(poet) कुछ ऐसी तान(tune) सुनाओ ,
जिससे उथल-पुथल(उलट पुलट ) मच जाए।

नियम(rule) और उपनियमो के ये
बंधक(restriction) टूक -टूक हो जाएँ(टूक -टूक हो जाएँ=टूट जाएँ )
विश्वंभर(god) की पोषक(सहायक,patron) वीणा(veena-an instrument)
के सब तार(string) मूक(मुग्ध , silent ) हो जाएँ

शांति दंड टूटे उस महा-
रूद्र(महारुद्र = शिव ,शंकर ) का सिंहासन(throne) थर्राए
उसकी श्वासोच्छ्वास(breathing) -दाहिका
विश्व(world) के प्रांगण(आँगन) में घहराए

नाश! नाश! हा ! महानाश !!! की
प्रलयंकारी(तबाही करनेवाली ) आँख खुल जाए
कवि(poet) कुछ ऐसी तान(tune) सुनाओ ,
जिससे उथल-पुथल(उलट पुलट ) मच जाए।

सावधान ! मेरी वीणा में
चिंगारियाँ आन बैठी हैं(आन बैठना = उत्पन्न होना )
टूटी हैं मिजराबें(string,तार ) अँगुलिया (fingers)
दोनों मेरी ऐंठी(अकड़ जाना) हैं।

कंठ(स्वर) रुका है महानाश(विनाश )का
मारक(deadly,घातक) गीत रुद्ध(कठोर , ruthless) होता है
आग लगेगी क्षण(moment) में हृत्तल (हृदय की गहराई ,inhearted )
में अब क्षुब्ध(क्रोधित) युद्ध(war) होता है

झाड और झंखाड़ दग्ध(burn out) हैं
इस ज्वलंत(जोशीला) गायन के स्वर से
रुद्ध(कठोर , ruthless ) गीत की क्रुद्ध(क्रोधित) तान(tune) है
निकली मेरे अंतरतर(हृदय) से !

कण-कण में है व्याप्त(समाया हुआ) वही स्वर(आवाज)
रोम रोम गाता है वह ध्वनि
वहीं तान गाती रहती है
कालकूट(ज़हर को धारण करने वाला नाग ) फणि की चिंतामणि(एक रत्न जो मनचाही वस्तु दे सकता है )

जीवन-ज्योति(life) लुप्त(lost) है – अहा !
सुप्त(निष्क्रिय) है संरक्षण(protection) की घड़ियाँ
लटक रही है प्रतिपल(every moment) में इस
नाशक(destroyer) संभक्षण(eat) की लड़ियाँ(strings)।

चकनाचूर करो जग(world) को , गूंजे
ब्रहमांड नाश के स्वर से
रुद्ध(कठोर , ruthless ) गीत की क्रुद्ध(क्रोधित) तान(tune) है
निकली मेरे अंतरतर(हृदय) से !

दिल को मसल-मसल मै मेंहदी
रचता आया हूँ यह देखो
एक-एक अंगुल(fingers) परिचालन(movement)
में नाशक(destroyer) तांडव(dance style) को पेखो(देखो)

विश्वमूर्ति! हट जाओ(हट जाओ = चले जाओ )! मेरा
भीम प्रहार(attack) सहे(tolerate) न सकेगा
टुकड़े टुकड़े हो जाओगी,
नाशमात्र अवशेष(remains) रहेगा

आज देख आया हूँ -जीवन
के सब राज़(रहस्य) समझ आया हूँ
भ्रू – विलास(frown) में महानाश के
पोषक(संरक्षक) सूत्र(clue) परख(test) आया हूँ

जीवन गीत भुला दो – कंठ
मिला दो मृत्यु गीत के स्वर से
रुद्ध(कठोर , ruthless ) गीत की क्रुद्ध(क्रोधित ) तान(tune) है
निकली मेरे अंतरतर(हृदय) से !

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