Hindi grammar “विशेषण – visheshan” explanation

विशेषण-Visheshan (adjective)

  • विशेषता बतानेवाले शब्दों को ‘विशेषण’ कहते है। जिस शब्द की विशेषता बताई जाए उसे ‘विशेष्य’ कहते है।
    जैसे :- मेरा घर सुंदर है। ‘सुंदर ‘ विशेषण और ‘घर ‘ विशेष्य है।
  • विशेषण के भेद

१) गुणवाचक विशेषण (Qualitative adjective)
किसी का गुण ,दोष,रूप,रंग,आकार ,प्रकार,अवस्था ,स्वाद ,गंध ,स्थिति ,दशा आदि का बोध कराने वाले शब्दो को ‘गुणवाचक विशेषण ‘ कहते है।
जैसे :- प्राचीन , सुंदर , डरावनी , चतुर आदि (वह प्राचीन घर है। )

२) परिमाणवाचक विशेषण (Quantitative adjective )
किसी का नाप-तोल ,परिमाण या मात्रा का ज्ञान कराने वाले शब्दों को परिमाणवाचक विशेषण कहते है।

इसके दो भेद है –

१) निश्चित परिमाणवाचक विशेषण (Definite Quantitative adjective)
जो निश्चित मात्रा का बोध करवाते है उस शब्दों को निश्चित परिमाणवाचक विशेषण कहते है।
जैसे :- तीन मीटर ,सौ टन आदि (मुझे तीन मीटर कपड़ा चाहिए। )

२) अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण (Indefinite Quantitative adjective)
जो अनिश्चित मात्रा का बोध करवाते है उस शब्दों को अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण कहते है।
जैसे :- थोड़ा ,बहुत , इतना ,कुछ आदि (मैं थोड़ा खा लेता हूँ।  )

 

 

३) संख्यावाचक विशेषण (Numerical adjective)
किसी की संख्या का बोध कराने वाले शब्दों को संख्यावाचक विशेषण कहते है।

इसके दो भेद है –

१) निश्चित संख्यावाचक विशेषण (Definite Numerical adjective)
किसी निश्चित संख्या का बोध कराने वाले शब्दों को निश्चित संख्यावाचक विशेषण कहते है।
जैसे :- चार , बीस , आठवीं आदि (वह चार केले खा गया। )

२) अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण (Indefinite Numerical adjective )
किसी अनिश्चित संख्या का बोध कराने वाले शब्दों को अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण कहते है।
जैसे :- सभी , बहुत , कुछ आदि ( सभी लोग खुश है। )

४) सार्वनामिक विशेषण / संकेतवाचक विशेषण (Pronominal adjective / indicative adjective)
जब सर्वनाम संज्ञा की विशेषता बताते है तब उसे सार्वनामिक विशेषण कहते है।
जैसे :- यह, इस, आपका, किस  ने आदि ( यह घर बहुत सुंदर है। )

प्रविशेषण
विशेषण का विशेषण बताने वाले शब्दों को ‘प्रविशेषण’ कहते है।
जैसे :- “तमन्ना बहुत समज़दार लड़की थी। ” इस वाक्य में ‘बहुत’ प्रविशेषण है जो विशेषण ‘समज़दार’ की विशेषता बताता है।

  • मुझे बहुत भूख लगी है। (इस वाक्य में ‘बहुत’ भूख की मात्रा दर्शाता है , इसलिए ‘बहुत ‘ परिमाणवाचक विशेषण (अनिश्चित) है।)
  • वहाँ बहुत-से बच्चे थे। (इस वाक्य में ‘बहुत ‘ बच्चो की संख्या दर्शाता है ,इसलिए ‘बहुत’ संख्यावाचक विशेषण (अनिश्चित) है।)
  • आपका घर बहुत सुंदर है। (इस वाक्य में ‘बहुत’ विशेषण ‘सुंदर’ की विशेषता बताता है, इसलिए ‘बहुत’ प्रविशेषण है।)

 

 

  • विशेषणों की अवस्थाएँ

१) मूलावस्था (same as positive degree)
यह विशेषण की सामान्य अवस्था है। इस में तुलना(comparison) नहीं होती सिर्फ गुण ,दोष आदि का सामान्य कथन होता है।
जैसे :- नीता सुंदर लड़की है।

२) उत्तरावस्था (same as comparative degree)
इस में दो व्यक्तियों के गुण ,दोष आदि की तुलना(comparison) होती है। इस में अधिक , से कम , की तुलना,की अपेक्षा आदि शब्दों का प्रयोग होता है या फिर मूल विशेषण में ‘तर’ ,’कर’ प्रत्यय लगाकर उत्तरावस्था का विशेषण बनाया जाता है,जैसे :- सुंदरतर , तीव्रतर , बढ़कर ।
जैसे :- नीता रीमा से अधिक सुंदर (सुंदरतर) है।

३) उत्तमावस्था (same as superlative degree)
इस में एक व्यक्ति या वस्तु की तुलना(comparison) अनेक के साथ होती है। इस में सबसे ,सर्वाधिक आदि शब्दों का प्रयोग होता है या फिर मूल विशेषण में ‘तम’ प्रत्यय लगाकर उत्तरावस्था का विशेषण बनाया जाता है,जैसे :- सुंदरतम , तीव्रतम , न्यूनतम ।
जैसे :- नीता सबसे सुंदर (सुंदरतम ) लड़की है।

  • रेखांकित विशेषण के भेद बताइए।
    1) जतिन बुद्धिमान लड़का है।
    2) सौ ग्राम मसाला खरीद कर लाओ।
    3) दर्जनों लड़के इंटरव्यू देने आए थे।
    4) यास्मीन कक्षा में प्रथम आई।
    5) उस दुकान से फर्नीचर खरीद लेना।
    6) भीड़ पर अचानक कुछ लोगो ने पत्थर फेकना शुरू कर दिया।
    7) इस दूध में कम पानी मिला है।
    8) इस मजदूर का बेटा पढ़ाई में बहुत होनहार है।
    9) ताजमहल का सौंदर्य अदभुत है।
    10) लाल गुलाब कितना मनमोहक है।
    11) गंगा नदी बहुत पवित्र मानी जाती है।
    12) साईट पर काम करते हुए दो मजदूर मारे गए।
    13) हिमालय मनोरम पर्वत श्रृंखला है।
    14) मेट्रो की गति सामान्य ट्रेन की अपेक्षा तीव्र है।
    15) कुतुबमीनार दिल्ली की उच्चतम इमारत है।
    16) रमेश बहुत चालाक है।
    17) विद्यालय मेरे घर के निकट ही है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *