CBSE Class 8 Hindi “संधि व उसके नियम” – अभ्यास – Questions-Answers

संधि व उसके नियम

अभ्यास

1 . संधि से क्या तात्पर्य है ? उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए ।

संधि अर्थात जोड़ या मेल। व्याकरण में दो वर्णो का परस्पर मेल होने पर जो परिवर्तन होता है उसे संधि कहते है। संधि की इस प्रक्रिया में नवीन शब्द का निर्माण होता है। जैसे – पुस्तक + आलय = पुस्तकालय। इस शब्द में अ तथा आ का मेल हुआ है और आ हो गया है।

2 . व्यंजन संधि से आप क्या समझते हैं ? उदाहरण देकर स्पष्ट काजिए ।

व्यंजन संधि में व्यंजन अथवा स्वर और व्यंजन अथवा व्यंजन का परस्पर मेल होने पर परिवर्तन होता है और तत्पश्चात् एक नवीन शब्द का निर्माण होता है । जैसे – जगत्+ईश =जगदीश (त्+ई =दी)

3 . विसर्ग संधि से क्या तात्पर्य है ? उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए ।

विसर्ग संधि में विसर्ग के बाद स्वर या व्यंजन आने पर परिवर्तन होता है और तत्पश्चात् एक नवीन शब्द का निर्माण होता है ।जैसे – मन:+रंजन =मनोरंजन (अ:+र्=ओर)

4 . संधि – विच्छेद से क्या तात्पर्य है ? उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए ।

संधि द्वारा बने वर्णो को जब अल-अलग कर दिया जाता है और प्रारंभिक अवस्था में लिखा जाता है ततो यह प्रक्रिया संधि-विच्छेद कहलाती है। जैसे – पुस्तकालय = पुस्तक + आलय।

5 . रिक्त स्थान भरिए –

( क ) संधि अर्थात जोड़ या मेल
( ख ) व्याकरण में दो वर्णों का मेल होने पर जो परिवर्तन होता है उसे संधि कहते हैं ।
( ग ) स्वर संधि में दो स्वरों का परस्पर मेल होने पर किसी एक स्वर या दोनों में परिवर्तन होता है तत्पश्चात् एक नवीन शब्द का निर्माण होता है ।
( घ ) स्वर संधि के पाँच उपभेद हैं – दीर्घ संधि , गुण संधि ,वृद्धि संधि ,यण संधि और अयादि संधि 
( ङ ) व्यंजन संधि में व्यंजन अथवा स्वर और व्यंजन अथवा व्यंजन का परस्पर मेल होने पर परिवर्तन होता है और तत्पश्चात् एक नवीन शब्द का निर्माण होता है ।
( च ) व्यंजन संधि में वर्ग के पहले वर्ण का तीन में परिवर्तन तब होता है जब वर्ग के पहले वर्ण ( क ,च् आदि ) के बाद किसी भी वर्ग का तीसरा या चौथा वर्ण ( ग् – घ् . ज् – झ आदि ) और य , र , ल , व् या कोई स्वर आ जाता है ।
( छ ) व्यंजन संधि में वर्ग के पहले वर्ण का पाँच में परिवर्तन तब होता है जब वर्ग के पहले वर्ण ( क च् . ट् , त् , प् ) के बाद न् या म् वर्ण आ जाता है ।

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( ज ) विसर्ग संधि में विसर्ग के बाद स्वर या व्यंजन आने पर परिवर्तन होता है और तत्पश्चात् एक नवीन शब्द का निर्माण होता है ।
( झ ) जब विसर्ग से पहले अ हो और बाद में क् या प् हो तो विसर्ग में परिवर्तन नहीं होता ।
( ञ ) जब विसर्ग के बाद र् हो तो ऐसे में विसर्ग का लोप हो जाता है और पूर्व स्वर दीर्घ हो जाता है ।
( ट ) जब विसर्ग से पहले अ या आ हो और बाद में कोई अन्य स्वर हो तब विसर्ग का लोप हो जाता है ।
( ठ ) विसर्ग का स् में परिवर्तन तब होता है जब विसर्ग के बाद त् या स् हो ।
( ड ) विसर्ग का र् में परिवर्तन तब होता है जब विसर्ग से पहले कोई स्वर हो और बाद में कोई स्वर या किसी वर्ग का तीसरा , चौथा , पाँचवा वर्ण या फिर य , र , ल , व् , ह में से कोई वर्ण हो ।
( ढ ) विसर्ग का में परिवर्तन तब होता है जब विसर्ग से पहले यदि अ हो और बाद में किसी वर्ग का तीसरा , चौथा , पाँचवा वर्ण या य . र . ल . व . ह में से कोई वर्ण हो तब विसर्ग का ओ बन जाता है।

6 . कौन – से चार व्यंजन अंतस्थ व्यंजनों की श्रेणी में आते हैं ?

य्,र्,ल्,व्

7 . कौन – से चार व्यंजन ऊष्म व्यंजनों की श्रेणी में आते हैं ?

श्,ष्,स्,ह्

8 . व्यंजन व विसर्ग संधि में मुख्य अंतर क्या है ?

व्यंजन संधि में व्यंजन/स्वर के साथ व्यंजन का मेल होता है। विसर्ग संधि में विसर्ग के साथ स्वर/व्यंजन का मेल होता है।

9 . निम्नलिखित गद्यांश पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए –

संगति शब्द सम् + गति का संधि रूप है जिसका अर्थ है एक साथ रहना , उठना-बैठना । संगति का प्रभाव मानव जीवन पर अवश्य पडता है । जिसे जैसी संगति मिलती है – अच्छी व बुरी – उसे वैसा ही फल भोगना पडता है । जहाँ अच्छी संगति से मनुष्य में कई गुणों का विकास होता है वही बुरी संगति उसे बुराइयों का भंडार बना देती है । संत तुलसीदास ने कहा है ” तुलसी संगति साधु की हरै कोटि अपराधा । ” अर्थात् साधु जनों का साथ मनुष्य के करोड़ों अपराधों को , बुराइयों को हर लेता है । अत : मनुष्य को सदैव अच्छी संगति में रहना चाहिए । सज्जन व्यक्तियों के साथ उठने – बैठने से ही उसका कल्याण होगा अन्यथा उसके विकास का मार्ग अवरुद्ध हो सकता है ।

( क ) उपर्युक्त गद्यांश में प्रयुक्त ‘ संगति ‘ शब्द के संधि – विच्छेद में किस नियम का प्रयोग हुआ है ?

‘ संगति ‘ शब्द के संधि – विच्छेद में व्यंजन संधि नियम 4 – “म् के बाद पंचम वर्ग का कोई भी वर्ण होने पर म् उसी वर्ग के वर्ण पाँच में या अनुस्वार में बदल जाता है। ” का प्रयोग हुआ है।

( ख ) ‘ संगति ‘ शब्द किस संधि भेद के अंतर्गत आएगा ?

‘ संगति ‘ शब्द व्यंजन संधि भेद के अंतर्गत आएगा।

( ग ) मनुष्य को सदैव अच्छी संगति में क्यों रहना चाहिए ?

अच्छी संगति से मनुष्य में कई गुणों का विकास होता है। संत तुलसीदास ने कहा है ” तुलसी संगति साधु की हरै कोटि अपराधा । ” अर्थात् साधु जनों का साथ मनुष्य के करोड़ों अपराधों को , बुराइयों को हर लेता है । अत : मनुष्य को सदैव अच्छी संगति में रहना चाहिए ।

10 . दिए गए उदाहरण अनुसार निम्नलिखित शब्दों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए व उनका संधि – विच्छेद कीजिए –
उदाहरण
शब्द : वृक्षारोपण
वाक्य – रचना : वृक्षारोपण पृथ्वी पर बढ़ते तापक्रम व प्रदूषण को रोकने में सहायता करता है , अतः पेड़ लगाएँ और पृथ्वी को बचाएँ ।
संधि – विच्छेद : वृक्ष + आरोपण

( क ) हिमालय = हिम +आलय
वाक्य – रचना : हिमालय उतर दिशा की ओर से भारत देश की रक्षा करता है।
( ख ) पुस्तकालय = पुस्तक + आलय
वाक्य – रचना : स्कूल और कॉलेज में पुस्तकालय होते है और बच्चो को उसका भरपूर फायदा उठाना चाहिए।
( ग ) संगति = सम् + गति
वाक्य – रचना : अच्छे लोगो की ही संगति करनी चाहिए।
( घ ) योगाभ्यास = योग + अभ्यास
वाक्य – रचना : नित्य सवेरे योगाभ्यास करना चाहिए , इससे सेहत अच्छी रहती है।
( ङ ) उन्नति = उत् + नति
वाक्य – रचना : देश की उन्नति के लिए सभी युवानो को महेनत करनी होगी।
( च ) उज्ज्वल = उत् + ज्वल
वाक्य – रचना : बच्चे तथा युवान देश का उज्जवल भविष्य है।
( छ ) सम्मान = सम् + मान
वाक्य – रचना : उम्र तथा ज्ञान में अपनों से बड़ो को हमेशा सम्मान देना चाहिए।
( ज ) यशोदा = यश: + दा
वाक्य – रचना : यशोदा जी श्रीकृष्ण की पालक माता थी।

11 . निम्नलिखित शब्दों को उचित संधि – भेद के अंतर्गत सूचीबद्ध कीजिए –
( क ) नमस्ते ( ख ) विद्यार्थी ( ग ) आशीर्वाद ( घ ) सज्जन ( ङ ) उच्चारण ( च ) चिकित्सालय
स्वर संधि व्यंजन संधि विसर्ग संधि
विद्यार्थी सज्जन नमस्ते
चिकित्सालय उच्चारण आशीर्वाद

12 . उचित विकल्प पर गोला बनाइए –

( क ) सम + कल्प = संकल्प , सम्कल्प , सन्कल्प
( ख ) दु : + आचार – दु : आचार , दुराचार , दुरआचार
( ग ) तत् + भव = तद्भव , तत्भव , तदभ् व
( घ ) सम् + विधान = संविधान , सविधान , समविधान
( ङ ) जगत् + ईश = जगदीष , जगदीश , जग्गदीश

13 . कोष्ठक में दिए शब्दों में से उचित संधियुक्त शब्द का चयन कर नीचे दिए रिक्त स्थान भरिए –
मनोबल , हिमालय , नमस्ते , पुरस्कार , सदुपयोग , प्रात : काल

( क ) व्यक्ति का मनोबल दृढ़ हो तो हर कठिन कार्य उसके लिए आसान हो जाता है ।
( ख ) कक्षा में प्रथम आने पर राहुल को पुरस्कार में मनोरंजक कहानियों की किताब मिली ।
( ग ) प्रातःकाल की सैर स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होती है ।
( घ ) एक बार जो समय बीत जाता है वह लौटकर नहीं आता अत : हमें सदैव समय का सदुपयोग करना चाहिए ।
( ङ ) माउंट एवरेस्ट हिमालय का ही एक शिखर है ।
( च ) नमस्ते अभिवादन सूचक शब्द है ।

14 . निम्नलिखित शब्दों की संधि कीजिए व उनके नाम भी लिखिए –

( क ) वाक् + जाल = वाग्जाल (व्यंजन संधि )
( ख ) उत् + डयन = उड्डयन (व्यंजन संधि)
( ग ) तत् + टीका = तट्टीका (व्यंजन संधि)
( घ ) दु : + चरित्र = दुश्चरित्र (विसर्ग संधि)
( ङ ) मनः + अनुकूल =मनोनुकूल (विसर्ग संधि)

15 . दिए गए स्थान पर अपने किन्हीं छ : मित्रों , परिचित सदस्यों आदि के नाम लिखिए । ” ध्यान रहे कि तीन नाम संधियुक्त व तीन नाम व्यजन संधियुक्त होने चाहिए । उन नामों का संधि – विच्छेद प्रस्तुत कीजिए व उनका संधि भेद भी लिखिए।
क्रम संधियुक्त नाम संधि विच्छेद संधि भेद
उदाहरण जगदीश जगत् + ईश व्यंजन संधि
( क ) उन्नति उत् + नति व्यंजन संधि
( ख ) तन्मय तत् + मय व्यंजन संधि
( ग ) अभिषेक अभी + सेक व्यंजन संधि
( घ ) हरिश्चंद्र हरि: + चंद्र विसर्ग संधि
( ड ) मनोहर मन: + हर विसर्ग संधि
( च ) यशोदा यश: + दा विसर्ग संधि

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