Class-7 Ch-7 संधि

Ch-7 संधि

अभ्यास
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए –

1. संधि की परिभाषा दीजिए और दो उदाहरण भी दीजिए ।
उत्तर – दो ध्वनियोँ के मेल को संधि कहते है। जैसे : सीमा + अंत = सीमांत , हिम + आलय = हिमालय।

2. स्वर संधि किसे कहते हैं ? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए ।
उत्तर – जब दो स्वरों के मेल से संधि बनती है तो उसे स्वर संधि कहते है। जैसे : हिम + आलय = हिमालय, इसमें स्वर ‘अ’ और ‘आ’ का मेल होकर ‘आ’ बनता है।

3. स्वर संधि के सभी भेदों के नाम बताइए और किन्हीं दो की परिभाषा दीजिए ।
उत्तर – दीर्घ संधि , गुण संधि , वृद्धि संधि , यण संधि , अयादि संधि।
दीर्घ संधि : किसी स्वर के ह्रस्व या दीर्घ रूप के बाद यदि उसी स्वर का ह्रस्व या दीर्घ रूप आए , तो दोनों को मिलाकर दीर्घ हो जाते है। इसे ‘दीर्घ संधि’ कहते है।
गुण संधि : जब अ ,आ का संयोग इ ,ई ,उ ,ऊ तथा ऋ से होता है, तो ये क्रमशः ए ,ओ और अर् हो जाते है , तो गुण संधि कहलाती है।

4. वृद्धि संधि एवं दीर्घ संधि शब्दों के दो – दो उदाहरण दीजिए ।
उत्तर –

वृद्धि संधि :
तथा + एव = तथैव
जल + औध = जलौध
दीर्घ संधि :
हिम + आलय = हिमालय
सीमा + अंत = सीमांत

5. निम्नलिखित शब्दों की संधि कीजिए ।

महा + इंद्र = महेंद्र
यथा + अर्थ = यथार्थ
अति + अधिक = अत्यधिक
अति + आनन्द = अत्यानंद
विद्या + आनंद = विद्यानंद
महा + ओजस्वी = महौजस्वी
सदा + एव = सदैव
मत + अनुसार = मतानुसार
पौ + अक = पावक
सु + आगत = स्वागत

6. जोड़े मिलाइए।
१) गुण संधि ( क ) पत्रालय
२) दीर्घ संधि ( ख ) परोपकार
३) यण संधि ( ग ) एकैक
४) वृद्धि संधि ( घ ) स्वागत
५) अयादि संधि ( ङ ) पावक

उत्तर – क)-२) ,ख)-१) ,ग)-४) ,घ)-३) ,ङ)-५)

7. दिए गए संधि शब्दों में से उचित संधि शब्द चुनकर रिक्त स्थान भरिए –
मतैक्य , पवन , परोपकार , स्वागत , नयन , नाविक , पवित्र , दीपावली ।

( क ) राम और श्याम दोनों में परोपकार था ।
( ख ) पवन न चलने पर दम घुटने लगता है ।
( ग ) उसके सुंदर नयन उसकी सुंदरता में चार चाँद लगा देते हैं ।
( घ ) मतैक्य से बड़ा कोई धर्म नहीं है ।
( ङ ) अतिथि का स्वागत करना हमारा परमधर्म है ।
( च ) गंगा भारत की पवित्र नदी है ।
( छ ) नाविक नाव चलाता है ।
( ज ) दीवावली शब्द दीप + अवली के योग से बना है ।

8. निम्नलिखित शब्दों का संधि – विच्छेद कीजिए –

परोपकार = पर + उपकार
सूर्योदय = सूर्य + उदय
सूक्ति = सु + उक्ति
रवीन्द्र = रवि + इन्द्र
पत्रालय = पत्र + आलय
गायक = गै + एक
इत्यादि = इति + आदि
नयन = ने + अन
यद्यपि = यदा + अपि
हितोपदेश = हित + उपदेश

9. दिए गए संधि शब्दों में से दीर्घ संधि शब्दों के नीचे रेखा बनाइए ।
मतानुसार, भानूदय ,धर्मार्थ, पत्रालय, सीमांत, वनौषधि ,नद्यागमन ,लक्ष्मीच्छा, अन्वय, गणेश ,रजनीश ,महर्षि

10. निम्नलिखित में से सही संधि – विच्छेद को रेखांकित कीजिए

( क ) पवित्र = पो+इत्र , पौ+इत्र , प+इत्र
( ख ) स्वागत = सू+आगत , स+आगत , सु+आगत
( ग ) देवर्षि = देव+ऋषि , देव+रिषि , देव+ऋशि
( घ ) नाविक = नो+इक , नौ+इक , नौ+ईक
( ङ ) मुनींद्र = मुनी+इंद्र , मुनि+इंद्र , मूनि+इंद्र
( च ) एकैक= एक+एक , ऐक+एक , ऐक + एक

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